गुरुवार, 22 अप्रैल 2021

मर्जी है आपकी ....

 #मर्जी_है_आपकी_समझ_न_भी_पाओ_तब_भी_सोच_जरूर_लेना


बिना मास्क लगाए घूमते लोगों से वायरस कहता है ... हम बने तुम बने मैग्नेट से ... 


उसके बाद 🤔

उसके बाद कुछ खास नहीं आकर्षण तो होना ही था ...


बस फिज़ां में गाने के बोल गूँजते हैं ...

चलो चलें मितवा ,इन सूनी गलियों में 

रोकता हूँ तेरी मैं साँसें 

कुछ न बोल ,आ पास आ ले

मिलने को हैं साथी ,रोकते हैं राहें

लपक के थाम ले ,उनकी भी बाहें ...


फिर कहता है ... "जिल्लेइलाही ! आपको हम कोई सजा होने ही नहीं देंगे ... न अपने छू पाएंगे ,न ही घर ले जाएंगे ... बस आपको पूरा ढ़क देंगे ... उसके बाद बस उस जहाँ की सैर पर चलेंगे हम ! " 


मर्जी है आपकी कि आप कहाँ रहना चाहते हैं 🙏 ... #निवी

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें