बुधवार, 10 जून 2026

कैसे कह दूँ ...

 कैसे कह दूँ कि मैं परेशान नहीं हूँ

बिखरी सी राहों में पशेमान नहीं हूँ।

उखड़ी सी साँसों से साँस भरती हूँ 

हाथों को नज़रों से थाम कहती हूँ।

जानेजां कर तू परस्तिश हौसलों की

इन्हीं राहों में हम फिर मिल चलेंगे।

ज़िंदगी जिंदादिल वापस मुस्करायेगी 

अपने होने का यूँ एहसास कराएगी।

लरज़ते कदमों से ही तू चल तो सही 

कह रही #निवी  मंज़िल मिल जाएगी।

 #निवेदिता_श्रीवास्तव_निवी

#लखनऊ