अब बस ,
आज ......
आज ......
हाँ ! आज ही
कर दूंगी
कर दूंगी
तेरी विदाई ..........
यादों से भी ,
वादों से भी ...
अश्रुओं की
वेणी बनाऊं ,
वेणी बनाऊं ,
वेदना का
पलना............
पलना............
श्वांसों का
चंवर डोलाऊं,
चंवर डोलाऊं,
भीगे मन की
अमृत-वर्षा !
अमृत-वर्षा !
देखा !
कर ली
मैंने भी
सारी तैयारी ....
कर ली
मैंने भी
सारी तैयारी ....
तुझ से !
विलग ........
हो जाने की ..
विलग ........
हो जाने की ..
बढ़े क़दमों को
मंजिल मिले ,
मंजिल मिले ,
या
वृहत शून्य .............
वृहत शून्य .............
-निवेदिता


