गुरुवार, 5 दिसंबर 2013

बस ऐसी ही हूँ मैं .....


हाँ ! 
इस सच को 
मानती हूँ 
और
जानती भी हूँ 
कि 
सब को
सब कुछ 
न कभी मिला है 
और
न ही 
कभी मिलेगा 
तब भी 
जो भी 
जितना भी 
मेरा है 
उसको तो
कभी कहीं 
जाने भी तो 
नहीं दे सकती 
बस ऐसी ही हूँ मैं ..... निवेदिता