बुधवार, 10 अगस्त 2011

सूखे आँसुओं की तासीर ........



सूखे आँसुओं की तासीर 
आँखों से मन तक 
बहती चली जाती हैं 
सूखी तो आँखें रहती 
मन उलझता जाता है
यादों के ...वादों के ....
बादल घिरते तो बहुत हैं
बिन बरसे तरस कर 
भरे-भरे चले जातें हैं
वो रेत सरीखी 
छोटी-छोटी बातें 
पहाड़ सी भारी हो
मन में बसी रह  कर
जीना दुश्वार कर जाती
गलत न वो बातें हैं
न ही यादें .... और 
न वो रूखी-सूखी आँखें
गलत है सिर्फ मन का 
बंजारा न हो पाना ........
                 -निवेदिता  

29 टिप्‍पणियां:

  1. भावमय शब्‍दों के साथ्‍ा बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

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  2. गलत है सिर्फ मन का
    बंजारा न हो पाना ........
    sunder bhav..

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  3. वाह मन का बंजारा ना हो पाना…………बहुत सुन्दर भाव्।

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  4. जैसी भी होती है, बड़ी गहरी तासीर होती है।

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  5. गलत है सिर्फ मन का
    बंजारा न हो पाना ........
    क्या भाव है.....

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  6. गलत न वो बातें हैं
    न ही यादें .... और
    न वो रूखी-सूखी आँखें
    गलत है सिर्फ मन का
    बंजारा न हो पाना ........

    बहुत गहन भाव सँजोये सुंदर प्रस्तुति....

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  7. मन का बंजारा ना होना और सूखे आंसुओं की तासीर . भाव प्रवण कविता .

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  8. बादल घिरते तो बहुत हैं
    बिन बरसे तरस कर
    भरे-भरे चले जातें हैं

    भाव सजी कविता

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  9. मन का बंजारा होना ... बहुत भाव प्रवण रचना

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  10. भावमय प्रस्तुति, आप जो भी कहें पर ग़ाफ़िल तो यही कहेगा कि- ‘जादू भरे ये नैन’

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  11. सूखे आँसुओं की तासीर
    आँखों से मन तक
    बहती चली जाती हैं ...behtarin rachan..nivedita ji kabhi mere blog pe aayiyega..sadar amantran ke sath

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  12. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच

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  13. गलत है सिर्फ मन का
    बंजारा न हो पाना .....


    बहुत उम्दा!!

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  14. सूखे आँसुओं की तासीर
    आँखों से मन तक
    बहती चली जाती हैं....भाव पूर्ण रचना....

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  15. It's great stuff. I get it some wonderful informations. Each and every day your blog having some new topic.


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  16. कल 15/08/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  17. मन बंजारा होना .... कितना सुखद होता होगा ... काश ऐसा हो सके ...

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  18. मन बंजारा हो तो जीना आसान हो जाता है. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  19. बादल घिरते तो बहुत हैं
    बिन बरसे तरस कर
    भरे-भरे चले जातें हैं
    बहुत ही भाव पूर्ण अभिव्यक्ति ...
    शुभकामनाएं !!

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  20. बहुत अच्छे भाव लिए शानदार अभिब्यक्ति /बधाई आपको /
    ब्लोगर्स मीट वीकली (४)के मंच पर आपका स्वागत है आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये/आभार/ इसका लिंक हैhttp://hbfint.blogspot.com/2011/08/4-happy-independence-day-india.htmlधन्यवाद /

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