गुरुवार, 21 अप्रैल 2011

मन वीणा के तार .....

मैं हूँ क्या ?
एक नाम ,
बिन पहचान 
एक रिश्ता ,
जाना पहचाना ...
या फिर 
कई नाते ,
शायद मनभाते ....
कभी रीते ,
कभी मीठे
कभी सुलझे, 
कभी उलझे 
कभी एकरूप ,
कभी एकतार 
कभी अपरूप ,
विच्छिन्न विचार
पर सदा हैं ....
अभिन्न मन तार ..
कहीं तो छू लेती हूँ 
मन वीणा के तार 
ले लेते पूर्ण आकार .... 
                -निवेदिता



19 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बहुत बहुत ही अच्छी लगी यह कविता.

    सादर

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  2. कभी रीते ,
    कभी मीठे
    कभी सुलझे,
    कभी उलझे
    कभी एकरूप ,
    कभी एकतार ...waah

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  3. बहुत मधुर ओर अच्छी लगी आप की यह सुंदर कविता

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  4. कभी रीते ,
    कभी मीठे
    कभी सुलझे,
    कभी उलझे
    कभी एकरूप ,
    कभी एकतार .....

    बस यही जीवन की उहापोह है.... सुंदर लिखा आपने

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  5. यही प्रश्न मन को किस जगह लाकर खड़ा कर देता है।

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  6. bahut sundar shbd prayog ,man moh liyaa shbdon kee bansuri ne .
    aproop shbd kaa behtreen prayog .
    veerubhai

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  7. कभी रीते ,
    कभी मीठे
    कभी सुलझे,
    कभी उलझे
    कभी एकरूप ,
    कभी एकतार ...

    Awesome creation !

    regards,

    .

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  8. सुंदर सुंदर सुंदर सुंदर बहुत सुंदर लिखा आपने

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  9. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (23.04.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:-Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  10. behatarin shabd sanyojan bhavnaon ko aatmsat karta hua shilp achha laga ji .sadhvad

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  11. एक रिश्ता ,
    जाना पहचाना ...
    या फिर
    कई नाते ,
    शायद मनभाते ....


    संवेदनाओं से भरी बहुत सुन्दर कविता...

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  12. चाँद शब्दों में बाँध दिए रिश्ते ....
    अनमोल रचना .....

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  13. man veena ka taar anokha,
    lekar aaya aapka yah Jharokha,
    shabdon ki dekhi rangoli,
    bhavon ki kheli hai holi,
    man mera khush huya ise padhkar,
    likhti rahiye Nivedita ji jamkar.

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  14. आप सब मित्रों का बहुत-बहुत आभार ......
    @विजय जी-आप काव्यात्मक प्रतिक्रिया भी बेहद अच्छी लगी ,शुक्रिया !
    @ वीरुभाई जी-मेरा यही कहना था कि शब्द कितने भी अपरूप हों वीणा अगर सधी हुई हो तो उन से भी मधुर गीत गवा ही लेती है ,आभार !@यशवन्त और सन्जय-शुभकामनायें !

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