मंगलवार, 22 मई 2012

मेरी चाहत !!!



तोहफ़ा
देना चाहते हो 
और मेरी चाहत 
पूछते हो 
तो सुनो 
छोटी सी 
चाहत है .......

नजरें तुम्हारी 
अपने चेहरे पर 
अरे नहीं ..
वो तो बसी रहे 
बस ,मेरे मन में !

खुशबू ..
तुम्हारी श्वांसों की 
मेरी जीवन में 
अरे नहीं .....
मेरी श्वांसों के हर पल में !

एह्सास ...
तुम्हारे होने का 
अपने साथ में 
अरे नहीं ....
परिपूरित करते  
मेरे अपने अंतर्मन को !

स्थान ...
तुम्हारे वामांग में 
अरे नहीं .....
तुम्हारी चाहत के 
हर इक मीठे-खारे लम्हे में !

बोलो दे पाओगे
मुझको बस इतना
छोटे-छोटे लम्हे
जो ला सकें
मेरे ही नहीं
तुम्हारे भी अधरों पर
खिलखिलाती मुस्कान ......
                              -निवेदिता 


29 टिप्‍पणियां:

  1. स्थान ...
    तुम्हारे वामांग में
    अरे नहीं .....
    तुम्हारी चाहत के
    हर इक मीठे-खारे लम्हे में !

    ...बहुत खूब ! बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना...आभार

    उत्तर देंहटाएं
  2. कोमल सुंदर ...अभिव्यक्ति ...

    उत्तर देंहटाएं
  3. बोलो दे पाओगे
    मुझको बस इतना
    छोटे-छोटे लम्हे
    जो ला सकें
    मेरे ही नहीं,,,,

    बहुत अच्छी भाव भरी प्रस्तुति,,,,

    RECENT POST काव्यान्जलि ...: किताबें,कुछ कहना चाहती है,....

    उत्तर देंहटाएं
  4. भावपूर्ण अभिव्यक्ति.....

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत प्यारी भावनायें हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बोलो दे पाओगे
    मुझको बस इतना
    छोटे-छोटे लम्हे
    जो ला सकें
    मेरे ही नहीं
    तुम्हारे भी अधरों पर
    खिलखिलाती मुस्कान ......
    भावमय करते शब्‍दों का संगम ।

    उत्तर देंहटाएं
  7. काश ऐसा तोहफा ,.. हर आदमी अपनी पत्नी को दे

    उत्तर देंहटाएं
  8. स्थान ...
    तुम्हारे वामांग में
    अरे नहीं .....
    तुम्हारी चाहत के
    हर इक मीठे-खारे लम्हे में !

    बहुत सुन्दर रचना...भावाभिव्यक्ति अद्भुत है...बधाई स्वीकारें

    नीरज

    उत्तर देंहटाएं
  9. आमीन ... इस प्रेम भरी छोटी इच्छा का पूर्ण होना जरूरी है ... प्रेम पर विशवास भी तो तभी होगा ...

    उत्तर देंहटाएं
  10. सुन्दर रचना...
    अरे नहीं....
    अति सुन्दर रचना....
    खुबसूरत कोमल भाव व्यक्त करती
    अति सुन्दर रचना...:-)

    उत्तर देंहटाएं
  11. जितनी सरल उतनी ही सशक्त कविता.......वाह!!
    ..........................................................................
    फ़िलहाल दे रहा हूँ
    टिप्पणी रूपी एक तोहफा
    ....ताकि मेरे ही नहीं
    ....आप के अधरों पर भी
    बनी रहे एक पुलकित मुस्कान ................ :-)

    उत्तर देंहटाएं
  12. bahut hi shandar kavita
    Thanks
    http://drivingwithpen.blogspot.in/

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत ही बेहतरीन रचना । मेरे नए पोस्ट पर आप आमंत्रित हैं । धन्यवाद ।

    उत्तर देंहटाएं
  14. इतने छोटे में सब कुछ माँग लिया, वामन की तरह..

    उत्तर देंहटाएं
  15. इसमें प्रेमी के देने लायक कुछ है नहीं। फिर भी अगर वह न दे पाए,तो बदनसीबी उसकी।

    उत्तर देंहटाएं
  16. इतनी छोटी इतनी प्यारी ख्वाहिश - अनमोल

    उत्तर देंहटाएं
  17. ख़ुशियां छोटे-छोटे लमहों से ही बड़ी हो जाती हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  18. क्यूँ ना दे पायेंगे.....
    माँगा जो ऐसे प्यार से है.
    :-)

    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  19. नन्हीं नन्हीं चाहतें, बस यही है ज़िंदगी..........सुंदर रचना...

    उत्तर देंहटाएं
  20. जिंदगी में जिंदगी को खोजती हैं ये ही जिंदगी ......

    उत्तर देंहटाएं
  21. बहुत ही सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति.
    आपकी अनोखी चाहत दिल को छूती है.

    समय मिलने पर मेरे ब्लॉग पर आईएगा.

    उत्तर देंहटाएं