रविवार, 16 अक्तूबर 2011

जीवन एहसासों में बसता है ...........



सहज  लम्हे थे या फिर वो 
लम्हे थे इसलिए सहजता .....
जीवन साँसों के रहने से नहीं 
जीवंत एहसासों में बसता है 
चाँद-तारों के विस्तार से 
इक नन्हीं सी कली गुलाब की 
सुरभित दायरा पूरती है 
काँटों की चुभन सहलाती 
शोखी रंगों की छुपा जाती 
हल्की सी गुलाबी फुहार से 
ये एहसास ये जज़्बात 
लगते गंगासागर से 
गंगा निर्मल औ सागर विशाल 
जीवन में भरते अनोखा विस्तार
हीरे मोती जो तुमने वारे हैं 
जीवन में बहुत सारे हैं 
सुंगध लहराती ये कली 
लगती सबसे प्यारी है 
जानते हो क्यों .....क्योंकि 
दिखती इसमें छवि तुम्हारी है ...........
                        -निवेदिता 

29 टिप्‍पणियां:

  1. विस्तार लेते जज़्बात ... खूबसूरत प्रस्तुति

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  2. खूबसूरत जज़्बात ...सुन्दर कविता।

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  3. बहुत सुन्दर जज़्बात उकेरे हैं।

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  4. हीरे मोती जो तुमने वारे हैं
    जीवन में बहुत सारे हैं
    सुंगध लहराती ये कली
    लगती सबसे प्यारी है
    जानते हो क्यों .....क्योंकि
    दिखती इसमें छवि तुम्हारी है ...........
    अतिसुन्दर मनोहर प्रस्तुति .बधाई .

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  5. मन के भावों का सुंदर चित्रण।

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  6. भावों को सुन्दर शब्द देती ,हृदयस्पर्शी रचना |

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  7. ये एहसास ये जज्बात
    लगते गंगासागर से
    गंगा निर्मल औ सागर विशाल
    जीवन में भरते अनोखा विस्तार
    हीरे मोती जो तुमने वारे हैं

    सुन्दर रचना

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  8. बहुत ही खुबसूरत रचना ...
    जज्बात भरा अहसास ..

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  9. जीवन साँसों के रहने से नहीं
    जीवंत एहसासों में बसता है
    इस एहसास की खोज में रहने से ही जीवन की सार्तकता है।

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  10. .क्योंकि
    दिखती इसमें छवि तुम्हारी है .
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति , बधाई

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  11. जीवंत एहसासो में जीवन, कली, गुलाब, गंगासागर, हीरे-मोती के संग सुरभि में तुम. इन बिम्‍ब कडि़यों को पिरोने के लिए धन्‍यवाद.

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  12. एहसास ही तो सुख दुख का निपटारा करते रहते हैं।

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  13. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति , बधाई

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  14. जीवन में भरते अनोखा विस्तार
    हीरे मोती जो तुमने वारे हैं
    जीवन में बहुत सारे हैं
    सुंगध लहराती ये कली
    लगती सबसे प्यारी है
    जानते हो क्यों .....क्योंकि
    दिखती इसमें छवि तुम्हारी है ...........
    बहुत ही खूबसूरत कविता निवेदिता जी बधाई और खूबसूरत शुभकामनाएं

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  15. कल 18/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  16. भावमय करते शब्‍दों का संगम ।

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  17. प्रभावी अभिव्यक्ति ....
    शुभकामनायें आपको !

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  18. जजवातों का सुन्दर चित्रण |
    बधाई |
    आशा

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  19. गुलाब की कलि और उनकी छवि ... पर ये कांटे कौन और क्यों हैं साथ में ...

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  20. खूबसूरत चित्र जैसी ही कविता!

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