शुक्रवार, 4 मार्च 2011

तुम्हारी ’हूं’.............

तुम्हारी छोटी सी एक 
बस एक 'हूँ' !
वाचाल मौन या 
मौन कथन 
तुम्हारी 'हूं' !
पार्थ की उलझन या 
कान्हा की सुलझन 
तुम्हारी 'हूं' !
लाडले की लोरी या 
वेदों का गान 
तुम्हारी ’हूं’ !
कभी ध्यान देतीं 
कभी अनसुनी करती 
तुम्हारी 'हूं' !
ये छोटी सी 
एक अक्षरी 
'हूं '???????????
                निवेदिता 

7 टिप्‍पणियां: