बुधवार, 27 सितंबर 2017

बस यही इक पल है ....



# जो भी है बस यही इक पल है ....
छोटे छोटे पल ,पलक से झरते रहे
छोटी छोटी बातें ,बड़ी बनती गयीं
निगाहें व्यतीत सी ,छलकती रहीं
यादें अतीत सी ,कसकती ही रहीं
सामने वर्तमान है ,सूर्य किरण सा
परछाईं सी बातें , पग थामती रहीं
                                    ..... निवेदिता

8 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन महान समाज सुधारक राजा राममोहन राय जी और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  2. नमस्ते, आपकी यह प्रस्तुति "पाँच लिंकों का आनंद" ( http://halchalwith5links.blogspot.in ) में आज गुरूवार 28 -09 -2017 को प्रकाशनार्थ 804 वें अंक में सम्मिलित की गयी है। चर्चा में शामिल होने के लिए आप सादर आमंत्रित हैं, आइयेगा ज़रूर। सधन्यवाद।

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  3. अनुपम सृजन ! आभार "एकलव्य"

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