सोमवार, 8 फ़रवरी 2016

टीस जगाते शब्दों के घाव

शब्दों के दांत नहीं होते है
लेकिन शब्द जब काटते है
तो दर्द बहुत होता है 

और कभी कभी
न दिख पाने वाले घाव 

इतने गहरे हो जाते है कि
जीवन समाप्त हो जाता है
बस ये टीस जगाते 

घाव कभी नहीं भरते............ निवेदिता 

1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 11-02-2016 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2249 पर दिया जाएगा
    धन्यवाद

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