बुधवार, 1 जनवरी 2020

बस इत्ती सी उम्मीद ~~~

 बस इत्ती सी उम्मीद ~~~

आने वाले लम्हों
जरा इतनी सी दुआ देना
आती - जाती साँसों में
अनगिनत लम्हे हो
मानते या मनवाते
या फिर बस
मन ही मन में रहें
थिरकतें - गुनगुनाते

पर  .....
न सिमटे रहें
किसी डायरी के
पन्नों में दुबके
चाहे हो बिंदु भर ही
पर कर लें बसेरा
कैलेण्डर के आनन पर
             ...... निवेदिता श्रीवास्तव 'निवी'