आंसुओं से कहा
क्यों आते हो ....
आँखें भी थक चुकी हैं ;
तुम्हे स्थान देते-देते ,
सब तस्वीरें धुंधला गयी
यादों की टीस सहते-सहते ,
ये शिकवे सुन-सुन
आंसुओं ने भी थक कर ,
नया घर खोज लिया है ,
आँखों में तो रेत सी
खुश्की आ गयी है ,
दिल मगर इतना क्यों
नम औ भारी सा हो गया .......
-निवेदिता